गुरुवार, 25 जुलाई 2024

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते? these utensils which do not react with food ?

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते


ये बर्तन अक्रियाशील होते हैं 


आज के इस लेख में हम उस बर्तन के बारे में बताएंगे कि वह कौन सा बर्तन है जो अक्रियाशील होता है। 
बर्तनो  के बारे में विभिन्न जानकारी के साथ-साथ हम आपको बताना चाहते हैं कि एक ऐसा बर्तन है जिसमें किसी प्रकार का पदार्थ रखने पर उस पदार्थ के संगठन को खराब नहीं करता है। हम बात कर रहे हैं कांच के बर्तनों के विषय में। बर्तनों के उपयोग के क्रम में कांच का बर्तन भी एक अच्छा विकल्प है जिसका उपयोग हम विभिन्न कार्यों में कर सकते हैं। कांच का उपयोग हम अलग-अलग यंत्रों तथा बर्तनों के रूप में करते हैं। हालाकि के कांच के बर्तन महंगे होते हैं तथा इनकी टूटने की संभावना ज्यादा होती है।और एक बात  इसका उपयोग खाना पकाने में नहीं किया जाता है।
कांच के बर्तनो की विशेषता यह है कि किसी भी खाद्य पदार्थ के साथ  क्रिया नहीं करते हैं क्योंकि यह एक जटिल पदार्थ से बने होते हैं।  इन बर्तनों का उपयोग खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित रखने में काफी कारगर होता है इसलिए इसका उपयोग अलग-अलग प्रकार के खाद्य सामग्री एवं वस्तुओं को रखने में किया जाता है। सबसे अच्छी बात है यह ना तो एसिड से ना तो बेस से क्रिया करता है इसलिए इसका उपयोग गिलास ,कटोरी ,प्लेट व जार के रूप में किया जाता है। 

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

आर्थिक तंगी दूर कर देगा ये उपाय।This solution will remove the financial crisis.

आर्थिक तंगी दूर कर देगा ये उपाय।


आज के इस लेख में हम बताएंगे कि यह उपाय अमीर बनने के सारे बाधाओं को दूर कर देगा अर्थात आर्थिक तंगी दूर कर देगा।

संसार का कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहना चाहता है इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने ज्ञान अनुभव व संसाधन के आधार पर पूरी तरह से कोशिश करता रहता है परंतु किन्हीं कारणों से उसे सफलता नहीं मिल पाती है। इसके कारण उसके जीवन में मनोवांछित लाभ या फल की प्राप्ति नहीं हो पाती है क्योंकि ऐसी कई चीजे हमारे आसपास होती है जो हमारे लिए बाधा के कारण है परंतु हम अज्ञानता बस नहीं जान पाते हैं। 

आईये इसके बारे में बात करें की वह कौन सी बाधायें हैं तथा इसे दूर करने का क्या उपाय है 

वास्तु उपायो में आर्थिक स्थिति सुधार के लिए जो सुझाव दिए गए हैं वो  उपाय जानने बहुत जरूरी है क्योंकि यह कारण नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा के लिए उत्तरदायी  होते हैं। 
  • आपके भवन में कहीं पर भी मकड़ी के जाले नहीं होने चाहिए यदि जाले हैं तो तत्काल प्रभाव से उसे हटा दे।
  • आपके भवन में कहीं पर भी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान है तो उसे हटा दे या उसकी मरम्मत करवा ले। 
  • इसी प्रकार भवन के किसी भी हिस्से में मधुमक्खी का छत्ता नहीं होना चाहिए। 
  • भवन के किसी हिस्से या भवन के कोने में कबूतरों का निवास नहीं होना चाहिए यदि है तो उसे हटवा दे। 
  • दीवारों पर सीलन नहीं होना चाहिए यदि सीलन है तो उसे दूर कर दें। 
  • घरों की सजावट सूखे फूलों से ना करें यदि करना है तो ताजे फूलों का उपयोग करें। 
  • भवन के छत पर बेकार सामानों का संग्रह ना करें क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार यह अच्छा नहीं माना जाता है। 
आज के एपिसोड में इतना ही अगले  एपिसोड में नई जानकारी व नये तथ्यों के साथ उपस्थित होंगे। इस तरह की और जानकारी के लिए हमरे youtub चैनल happy  valley  creator (youtube.com/channel/UC4L2wfvR4c1LSNdemzIG0ZA)को सब्सक्राइब एवं फॉलो जरूर करें। 

सोमवार, 22 जुलाई 2024

ज्यादा आधुनिक उपकरणों के उपयोग से बचें।Avoid using more modern equipment.

ज्यादा आधुनिक उपकरण से बचे 


ज्यादा आधुनिक उपकरणों से बच्चे यह उपकरण कहीं बीमारी के कारण ना बन जाए। 

आज के इस लेख  में हम बताएंगे कि यह आधुनिक उपकरण कहीं आपकी बीमारी का कारण न बन जाए दोस्तों यदि आप में यह चैनल सब्सक्राइब नहीं किए हैं तो इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें जिससे आपको नई-नई जानकारी समय-समय पर प्राप्त होती रहे। 

आज के आधुनिक दौर में लोग ऊपरी सुख सुविधाओं में इजाफा करने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हैं परंतु उन उपकरणों के प्रभाव को हम नहीं जान पाते हैं जैसे फ्रिज ,मिक्सी, ग्राइंडर, आदि उपकरण ऐसे उपकरण है जो किचन में ओजोन गैस को उत्पन्न करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि वायु के 10 करोड़ भाग में यदि ओजोन की मात्रा का 50 वा भाग हो तो यह खतरनाक है। 
इसी प्रकार माइक्रोवेव ,कुकीज रेंज ,सोडा मेकर जैसे उपकरण जो गैस और विकिरण किरणे रसोई घर में उत्पन्न करती है जिससे रसोई घर में काम करने वाले लोग सीधे प्रभावित होते हैं। 

इसके अलावा वैज्ञानिको का यहा  तक मानना है की रसोई घर में प्रयोग किए जाने वाले डस्टर, नैपकिन, ड्राईक्लीनिंग के साल्वेंट अर्थात जो घोल  के रूप में प्रयुक्त होते हैं उनसे ट्राई क्लोरो एथीलीन की मात्रा निकलती रहती है जो वायु में 100 पीपीएम से ज्यादा होने पर सेहत एवं खाद्य सामग्रियों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। 

रविवार, 14 मई 2023

इसके पालन से न आग जला पायेगी और न पानी डुबो पायेगी।

इसके पालन से न आग जला पायेगी और न पानी डुबो पायेगी।


जब से मानव समस्याओं का विकास हुआ है तब से लेकर आज तक बहुत सारी विधाओं तकनीकी ज्ञान और वैज्ञानिक पद्धतियों का विकास हुआ इसके साथ साथ एक और ज्ञान है जो मानव जीवन के हर स्तंभों को स्पर्श करती है। उस ज्ञान का एक वैज्ञानिक सिद्धांत और आधार है। वर्तमान समय में कुछ वैज्ञानिक इसे सूक्ष्म ज्ञान और पराभौतिकी से संबंध जोड़कर समझने का प्रयास करते हैं। इसे कुछ हद तक दुनिया के कुछ वैज्ञानिको ने यंत्र और गहन अध्ययन के आधार पर इसके प्रभाव को समझने के लिए अलग-अलग कोशिश किये हैं। 
मनुष्य के अंदर शक्ति का संचार मस्तिष्क में उपस्थित बहुत सारे न्यूरॉन्स और तंत्रिकाओं के फैले जाल पर निर्भर करता है। आज तक मस्तिष्क के क्षमताओं का पूरा पूरा उपयोग नहीं हो सका है। यहां तक सर अल्बर्ट आइंस्टीन  जैसे लोग भी अपने दिमाग का 10 परसेंट हिस्सा ही उपयोग कर पाए हैं।लेकिन आज जो हम बात करने जा रहे हैं वह सामान्य तौर पर होने वाली घटनाओं और चीजों से बहुत हटकर है।

आइए इसके बारे में और गहराई से जाने 

आज से 2500 वर्ष पूर्व धरती पर एक महान वैज्ञानिक, महान शोधकर्ता , मानव जीवन की प्रणाली गहराई से समझने वाला, अद्भुत महामानव संसार में आकर इस विशेष विद्या को खोज कर जनहित में खुले मन से बिना किसी स्वार्थ भाव के जाति, वर्ग ,वंश के संबंधों से रहित होकर हर सुयोग्य व्यक्ति को ज्ञान बाटकर उन्हें प्रसन्नता से भर दिया । यह महान ज्ञान देने वाला कोई और नहीं बल्कि तथागत बुद्ध ही हैं जिन्होंने इस महान  विशालतम  शक्ति को तीन स्तंभों में बाटकर अध्यात्म की महान अट्टालिकाओं को खड़ा कर दिया। तीनों स्तंभों में उन्होंने यह बताया कि संसार का कोई भी व्यक्ति शील समाधि प्रज्ञा का अनुपालन करते हुए अध्यात्म के उच्चतम शिखर पर पहुंच सकता है।
  
जो आज का टाइटल रखा गया है वह उन बताए गए स्तम्भों  में से मात्र एक स्तंभ का ही परिणाम है कि इस स्तंभ का पालन करते हुए व्यक्ति अन्य सामान्य व्यक्ति से अलग हो सकता है। जिस शक्ति के बारे में चर्चा की गई है वह गुण व्यक्ति के अंदर तब आता है जब वह व्यक्ति शीलवान हो जाता है क्योंकि शीलवान व्यक्ति को कोई भी आग ना जला सकती है और ना ही पानी का संचय उस व्यक्ति को डुबो सकता है। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति पर किसी प्रकार का कोई विष का प्रभाव भी नहीं पड़ता है। 
शील के बारे में वृहद चर्चा विनय पिटक में उल्लेखित किया गया है। विनय पिटक के अनुसार यदि कोई भिख्खु  इस मार्ग पर चल रहा है तो पुरुष भिख्खु  के लिए 227 शील और महिला भिख्खुणी  के  लिए 311 शील का निर्धारण किया गया है। 
 यदि संसार का कोई भी व्यक्ति इन शीलो  का अनुपालन करता है तो उस व्यक्ति को कोई भी प्राकृतिक आपदा क्षति नहीं पहुंचा सकती है। वैसे सामान्य व्यक्ति के लिए पंचशील अर्थात पांच शील अथवा अष्टशील ही  पर्याप्त है इसका अनुपालन भी कम शक्ति नहीं देता शीलवान व्यक्ति आदरणीय सम्मानीय एवं पूजनीय होते हैं क्योंकि ऐसे व्यक्ति मिथ्या वचन तथा व्यभिचार से दूर रहते हैं। 

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें।Such utensils that protect again...

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें 

  ऐसे बर्तन के बारे में बताएंगे जो खतरनाक बीमारियों से बचा सकता है। ऐसे बर्तन के उपयोग के बारे में बात करेंगे जिसका उपयोग करने से कोई बीमारी उत्पन्न नहीं होती है। खाने पीने में जाने अनजाने बहुत सारे बर्तनों का उपयोग करते रहते हैं लेकिन उपयोग करते समय यह नहीं जान पाते हैं कि इन बर्तनों का असर हमारे स्वास्थ्य पर किस प्रकार पड़ रहा है ?
आज जिस बर्तन के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं वह बर्तन स्वास्थ्य के प्रति कोई भी नुकसानदायक तत्व उत्पन्न नहीं करता है। 

आइए इसके बारे में बात करें --

आज के आधुनिक दौर में भिन्न-भिन्न बर्तनों का उपयोग किया जा रहा है जिसमें बहुत सारे ऐसे बर्तन है जिसमें खाना पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है इन बर्तनों में जैसे सिरेमिक बर्तन, खराब किस्म के प्लास्टिक के बर्तन हैं।  इनमें खाने पीने से इन खाद्य सामग्रियों में इन बर्तनों के तत्व समाहित हो जाते हैं।  इससे कई सारी खतरनाक बीमारियां उत्पन्न हो सकती है इसलिए इससे बचने के लिए कांच के बर्तन का उपयोग करना अच्छा माना जाता है  चुकी कांच का जो भी बर्तन होता है इसका निर्माण जटिल पदार्थों के द्वारा की जाती है जिससे कांच के बर्तन के तत्व अन्य किसी भोज्य सामग्री से क्रिया नहीं कर पाते हैं। 
इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कांच का बर्तन अच्छा और उपयोगी माना जाता है इसके जगह स्टील के बर्तन का भी उपयोग किया जा सकता है। कांच का बर्तन अन्य बर्तनो की अपेक्षा ठीक होता है।
अतः भोजन सामग्री को रखने और खाने के लिए बिना किसी चिंता बिना संदेह के उपयोग में लाए जा सकते हैं। 

नोट --- अन्य बहुत सारे वीडियो देखने के लिए हमारे website happyvalleycreator.com पर भी देख सकते है। 

इस बोतल का पानी जो त्वचा को स्वस्थ , सुन्दर और चमकीला बनाये ।



इस बोतल का पानी जो त्वचा को स्वस्थ , सुन्दर और चमकीला बनाये ।

इस बोतल का पानी जो त्वचा को स्वस्थ , सुन्दर और चमकीला बनाये ।

आज के पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा ज्यादा होने के कारण त्वचा से संबंधित समस्या होना एक आम बात हो गई है इसके लिए कुछ लोग मार्केट में उपलब्ध  प्रोडक्ट का उपयोग करते हैं लेकिन यह प्रोडक्ट कई बार फायदा पहुंचाने के स्थान पर नुकसान कर अपना साइड इफेक्ट दिखा देता हैं । 

आज  ऐसे उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं जो बिना कोई नुकसान पहुंचाए हमारे त्वचा को लाभ पहुंचाएगा 

जैसा कि हम सभी जानते हैं किसी ना किसी काम से धूप में निकलना ही पड़ता है चुकी धूप में अधिक घूमने से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणे मनुष्य की त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।धूप से लगभग 90 परसेंट त्वचा खराब होने लगती है इससे त्वचा में झुर्रियां पड़ने लगती है हम इस जानकारी के माध्यम से एक ऐसा उपाय बताने जा रहे है  जिसका उपयोग धूप में निकलने से पहले अपने त्वचा में कर सकते है। 
  •  इसमें मुट्ठी भर काला तिल लेकर उसे बारीक पीस ले। उस पीसे हुए तिल में इतना पानी डालें कि सभी तिल पानी में अच्छी प्रकार डूब जाये। अब इसे मिक्सर में इतना चलाये कि जब तक कि इसका कलर दूधिया ना हो जा। अब इसे छानकर इसका पानी बोतल में भरकर रख लें बाहर धूप में जाने से पहले इसे त्वचा में लगा ले। 
यह एक प्राकृतिक एवं सरल उपाय है जिसकोअपना कर आप अपनी त्वचा की रक्षा भी कर सकते है। 
आपको यह जानकारी कैसा लगा हमें कमेंट कर के बताये 
अधिक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट happyvalleycreator.com  पर भी संपर्क कर सकते है। 

शनिवार, 13 मई 2023

इसकी आवाज जो आपके घर परिवार में खुशियों की तरंग बिखेर देगी

 

इसकी आवाज जो आपके घर परिवार में खुशियों की तरंग बिखेर देगी 

इसकी आवाज जो आपके घर परिवार में खुशियों की तरंग बिखेर देगी 

दुनिया का कोई इंसान दुखी नहीं रहना चाहता है और घर परिवार को सुखी और समृद्धि बनाने के लिए भिन्न - भिन्न उपाय भी करता है ! लेकिन अधिकतर समय वह समझ नहीं पाता है कि ऐसा क्या हो जाय कि घर परिवार में खुशियों के माहौल के साथ प्रगति के रास्ते खुल जाये। आज ऐसी जानकारी दी जा रही है जिससे आपके घर परिवार में सुख शांति का माहौल आएगा ही आएगा साथ ही साथ उन्नति के लिये रास्ता भी आपके जीवन में बनने लगेगा !

आइये इसके बारे में बात करें। 

कई बार हमारे समस्याये और दुःख का कारण हमारे घर में ही रहता है लेकिन उसे ना ही समझ पाते है और ना ही जान पाते है। आप सभी लोगो ने सुना ही होगा कि घर में अच्छा माहौल होने पर घर परिवार के लोग सुख शांति का अनुभव करते है। परन्तु यह माहौल कौन बिगाड़ता है ? आखिरकार ऐसा क्या हो जाता है कि घर में आपसी तनाव और आपसी झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हम सभी सोच कर भी इसे नहीं समझ पाते है क्योकि यह मस्तिष्क के आंतरिक क्रिया पर निर्भर करता है और कही न कही जब हम गंम्भीरता से इसे देखते है और विशेषज्ञो से जानकारी करते है तो यह बात निकलकर आती है की वास्तु दोष ही इसके लिये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। आज हम जो बात बताने  जा रहे है इसके बारे में आज तक आपने सोचा भी नहीं होगा कि मात्र इन छड़ो से निकलने वाली ध्वनि आपके घर का माहौल अच्छा और खुशनुमा बना सकता है इन छड़ो का नाम है पवन घंटिया जो मुख्य रूप से 5 ,6 ,7  छड़ो वाली होती है। 

  • मधुर ध्वनि उत्पन्न करने वाली ये घंटिया उस घर या कार्य स्थल में लगायी जाती है जहा लड़ाई - झगड़े और तनाव का माहौल रहता हों। 
  • 5  और 6  छड़ो वाली घंटियों को दुर्भाग्य  का नाश करने वाली मानी जाती है ! इन्हे शयन कक्ष में उत्तर- पश्चिम कार्नर में लगाना शुभ माना जाता है।                                                                             
  • 7 छड़ो वाली पवन घंटी कार्यस्थल पर पश्चिम दिशा में लगाया जाता है  यह कार्यो में प्रगति वआत्मविश्वाश   में वृद्धि करती है। 

 


 

गुलाबी और हरा रंग आपके बेसमेंट कि नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिये छुट्टी कर देगी

 

गुलाबी और हरा रंग आपके बेसमेंट कि नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिये छुट्टी कर देगी 

गुलाबी और हरा रंग आपके बेसमेंट कि नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिये छुट्टी कर देगी 
आपके बेसमेंट की नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिये दूर कर देगा ये गुलाबी और हरा रंग। साथ ही साथ हम यह भी बताएँगे की बेसमेंट बनाते समय वास्तु के अनुसार क्या सावधानियां अपनानी चाहिए। 
बेसमेंट के बनाने का फैशन आज के दौर में बहुत तेजी से चल पड़ा है लेकिन प्राचीन वास्तु विशेषज्ञ इसकी इजाजत नहीं देते हैं की बेसमेंट का निर्माण कराया जाए क्योंकि बेसमेंट भूमि के नीचे  होता है।  जिससे यहां सूर्य की रोशनी एवं प्राकृतिक वायु नहीं पहुंच पाती है इससे बेसमेंट में साकारात्मक ऊर्जा की कमी रहती है।  अतः बेसमेंट नकारात्मक ऊर्जा का कारण होता है।  
इसे दूर करने का आधुनिक और बहुत ही सरल उपाय हम बताने जा रहे हैं जिन लोगों के लिए बेसमेंट बनवाना आवश्यक हो तो उन्हें इसके निर्माण के समय कुछ विशेष बातों को ध्यान रखना चाहिए
  •  बेसमेंट की छत 9 से 10 फीट  ऊंची बनवाएं ताकि बेसमेंट पूरी तरह जमीन के भीतर ना रहे। 
  • बेसमेंट का मुख्य द्वार पूरब या उत्तर पूर्व दिशा में बनवाएं ताकि बेसमेंट में प्राकृतिक रोशनी आ सके उत्तर और पूर्वी भाग खुला रहे रखें जिससे वायु का आवागमन लगातार बना रहे
  •  प्लाट के किसी एक भाग में बेसमेंट बनाना हो तो उत्तर अथवा पूर्व दिशा में ही बनवाएं।
  •  यदि भूखंड व्यवसायिक और आवासीय दोनों दृष्टि  से निर्माण करना हो तो बेसमेंट का निर्माण पूर्व उत्तर या  ईशान कोण के क्षेत्र में करें।
  •  यदि पूर्ण रूप से प्लाट व्यवसायिक हो तो पूरे आकार में बेसमेंट बना सकते हैं ।
अब आइए बात करते हैं इसकी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के उपाय के बारे में
  •  बेसमेंट को अंदर से पिंक या ग्रीन कलर से पेंट कराना चाहिए।
  •  डार्क ब्लैक और रेड कलर बेसमेंट के लिए अनुकूल नहीं होता है।
  •  बेसमेंट के मुख्य द्वार पर ऊर्जा प्रदान करने वाले पौधे लगाएं। 
  • वास्तु के अनुसार बेसमेंट के बाहर गुलाब और तुलसी का पौधा लगाना अच्छा माना जाता है। 
इससे साकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होगा और यहां रहने वाले लोगों के जीवन में सुख समृद्धि बनी रहेगी।

गुरुवार, 11 मई 2023

इस दिशा की हवा बदल देगी घर की वास्तु wind of this direction will change...

इस दिशा की हवा बदल देगी घर की वास्तु 
इस वीडियो में बताया गया ऐसी कौनसी दिशा की हवा है जो आपके घर की वास्तु बदल कर रख देगी। वास्तु के अनुसार कुछ ऐसी दिशाए होती है जहा पर से गुजरने वाली हवा आपके घर की ऊर्जा को प्रभावित करती है। अतः इस वीडियो को पूरा जरूर देखिये 

In this video it is told which direction is the wind which will change the architecture of your house. According to Vastu, there are certain directions through which the air passing through affects the energy of your home. so watch this video completely

सोमवार, 8 मई 2023

#पैसे रोकने का सही तरीका जाने Know the right way to stop money



पैसे रोकने का सही तरीका जाने
 इस वीडियो में एक ऐसे वास्तु दोष के बारे में बताया गया है जिसके कारण आपके घर में पैसा रुकता ही नहीं है। घर में शौचालय की सही दिशा ना हो तो ऐसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। ऐसी समस्या से बचने के लिए घर में शौचालय का निर्माण सही दिशा में होना जरुरी है। एक बात और ध्यान देने की जरुरत है जो अक्सर आप सभी गलती कर देते है कि घर में शौचालय नार्थ ईस्ट में बना देते है। 

बुधवार, 13 अप्रैल 2022

जाने पूजा स्थल की सही दिशा Know the right direction of the place of worship

किस दिशा में बनाएं पूजा स्थल

किस दिशा में बनाएं पूजा स्थल

निवास स्थान बनाने के कार्य के आरंभ में लोग अक्सर विचार करते हैं कि पूजा स्थल किस दिशा में बनाएं ?
इससे संबंधित जानकारी एवं सुझाव बिंदु उल्लेख निम्नवत किया जा रहा है :--
  • पूजा स्थल बनाने के लिए ईशान कोण अर्थात उत्तर पूर्व उचित दिशा माना जाता है। पूजा स्थल विपरीत दिशा में होने से पूजा में मन नहीं लगता है और सकारात्मक परिणाम नहीं आते है। 
  • ईशान कोण में क्यों पूजा स्थल बनाया जाता है ? क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार देव गुरु बृहस्पति का स्थान माना जाता है उत्तर पूर्व दिशा में ही वासुदेव का निवास होने के साथ उनके शरीर की यही दिशा मानी  जाती  है। 
  • अग्नि कोण में भी स्थान अभाव में पूजा स्थल बना सकते हैं। 
  • बेसमेंट में कभी पूजा स्थल नहीं बनाए। 
  • बेडरूम में भी पूजा स्थल ना बनाएं। 
  • शौचालय एवं बाथरूम के बगल में पूजा स्थल ना बनाएं। 
  • पूजा स्थल की सामग्री एवं स्थान और मूर्तियों को हमेशा साफ-सुथरा बनाए रखें।

सोमवार, 11 अप्रैल 2022

ग्रीन मैट green mat से हटाए नकारात्मकता remove negativity from green mat


मकान बनाते समय लोग अक्सर एक बात का ध्यान नहीं देते है की मुख्य प्रवेश द्वार के सामने किसी प्रकार का टैंक बनवा देते है जिसका ढक्कन ऊपर से दिखता है जिस कारण से घर में प्रवेश करते समय टैंक के ढक्कन पर पैर पड़ता है जिससे नकारात्मक ऊर्जा उत्त्पन्न होती है। इस वीडियो में इसे दूर करने का उपाय बताया गया है। 

रविवार, 27 मार्च 2022

कम से कम कितनी लम्बी होनी चाहिए मूर्ति At least how tall the idol should be

घर में स्थापित करने से पहले जाने मूर्ति की सही लम्बाई 


घर में स्थापित करने से पहले जाने मूर्ति की सही लम्बाई 

निवास स्थान में मंदिर बनाते समय अक्सर लोग भ्रम में या अनिर्णय की स्थिति में चले जाते है कि मूर्ति की कम से कम लम्बाई कितनी होनी चाहिए। 
  • घर में स्थापित मूर्ति की लम्बाई कम से कम एक बीत्ते (लगभग 5 से 6 इंच ) अवश्य होनी चाहिए। 
  • एक बीत्ते से कम लम्बाई  होने पर गृह स्वामी को संतान सम्बन्धित समस्या बनी रहती है। 
मूर्ति के बारे में अन्य आवश्यक जानकारी भी दी गयी है जैसे :-
  • टूटी एवं खंडित मूर्ति को पूजा स्थल से हटा दें एवं उसकी पूजा ना करे। 
  • जो मूर्ति कुरूप हो गयी हो या जिस मूर्ति की पालिश उतर गई हो उसे भी पूजा स्थल से हटा देना चाहिए। 
  • वार्षिक पूजा जैसे दीपावली में लक्ष्मी , गणेश जी की मूर्ति को बदल कर नयी मूर्ति रख दे। 

गुरुवार, 17 मार्च 2022

किस दिशा में बनाये सीढ़ी in which direction the stairs should be made

         

                              किस दिशा में बनाये सीढ़ी 

 

                                          किस दिशा में बनाये सीढ़ी 

सीढ़ी सही दिशा में ना होने पर गरीबी बिमारी पारिवारिक समस्या से लोग हो जाते है परेशान इसलिए निम्न उपाय अपनाये  

  • उत्तर -पूर्व में सीढ़ी ना बनवाये यदि बनाते है तो संतान का विकास नहीं होगा। 
  • घर का मुखिया कर्ज में डूबा रहेगा। 
  • गोलाकार , घुमावदार सीढ़ी ना बनवाये। 
सीढ़ी anti clock wise घूमते हुए नहीं होना चाहिए। 

सुझाव 

  • सीढ़ी को चिकना न बनाये। 
  • सीढ़ी ज्यादा ऊँची नहीं बनाये। 
  • सीढ़ी के दोनों किनारो पर रेलिंग बना होना चाहिए। 
  • सीढ़ी के नीचे शौचालय न बनाये। 
  • सीढ़ी के नीचे पूजा घर न बनाये। 
  • सीढ़ी के नीचे कूड़ा करकट ,जूता चप्पल ना रखे। 
सीढ़ी के नीचे  साफ सुथरा होना चाहिए और सीढ़ी की सही दिशा पश्चिम की होती है। 




शनिवार, 5 मार्च 2022

परिवार की सुरक्षा कवच है यह ज्ञान / This knowledge is the safety shield ...

परिवार की सुरक्षा कवच है यह ज्ञान


इस वीडियो में रसोई गैस के सही इस्तेमाल एवं आवश्यक सावधानी के बारे में बताया गया है साथ साथ होने वाले एकाएक किसी घटना या दुर्घटना से बचने के लिए उठाये जाने वाले कारगर एवं प्रभावी तरीके को बहुत ही सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। वास्तव में यह जानकारी जनहित एवं मानव सुरक्षा के दृस्टि कोण से बनाया गया है। 

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते? these utensils which do not react with food ?

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते ये बर्तन अक्रियाशील होते हैं  आज के इस लेख में हम उस बर्तन के बारे में बताएंगे कि वह कौ...