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रविवार, 14 मई 2023

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें।Such utensils that protect again...

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें

ऐसा बर्तन जो खतरनाक बीमारियों से बचायें 

  ऐसे बर्तन के बारे में बताएंगे जो खतरनाक बीमारियों से बचा सकता है। ऐसे बर्तन के उपयोग के बारे में बात करेंगे जिसका उपयोग करने से कोई बीमारी उत्पन्न नहीं होती है। खाने पीने में जाने अनजाने बहुत सारे बर्तनों का उपयोग करते रहते हैं लेकिन उपयोग करते समय यह नहीं जान पाते हैं कि इन बर्तनों का असर हमारे स्वास्थ्य पर किस प्रकार पड़ रहा है ?
आज जिस बर्तन के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं वह बर्तन स्वास्थ्य के प्रति कोई भी नुकसानदायक तत्व उत्पन्न नहीं करता है। 

आइए इसके बारे में बात करें --

आज के आधुनिक दौर में भिन्न-भिन्न बर्तनों का उपयोग किया जा रहा है जिसमें बहुत सारे ऐसे बर्तन है जिसमें खाना पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है इन बर्तनों में जैसे सिरेमिक बर्तन, खराब किस्म के प्लास्टिक के बर्तन हैं।  इनमें खाने पीने से इन खाद्य सामग्रियों में इन बर्तनों के तत्व समाहित हो जाते हैं।  इससे कई सारी खतरनाक बीमारियां उत्पन्न हो सकती है इसलिए इससे बचने के लिए कांच के बर्तन का उपयोग करना अच्छा माना जाता है  चुकी कांच का जो भी बर्तन होता है इसका निर्माण जटिल पदार्थों के द्वारा की जाती है जिससे कांच के बर्तन के तत्व अन्य किसी भोज्य सामग्री से क्रिया नहीं कर पाते हैं। 
इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कांच का बर्तन अच्छा और उपयोगी माना जाता है इसके जगह स्टील के बर्तन का भी उपयोग किया जा सकता है। कांच का बर्तन अन्य बर्तनो की अपेक्षा ठीक होता है।
अतः भोजन सामग्री को रखने और खाने के लिए बिना किसी चिंता बिना संदेह के उपयोग में लाए जा सकते हैं। 

नोट --- अन्य बहुत सारे वीडियो देखने के लिए हमारे website happyvalleycreator.com पर भी देख सकते है। 

सोमवार, 25 दिसंबर 2017

क्या अन्जाने में आप पानी से बढ़ा रहे है अपनी चर्बी । Are you unknowingly increasing your fat with water?

क्या अनजाने में आप पानी से बढ़ा रहे हैं अपनी चर्बी 


क्या अनजाने में आप पानी से बढ़ा रहे हैं अपनी चर्बी 

आज के इस लेख में हम बताएंगे कैसे आप अनजाने में अपने शरीर की चर्बी बढ़ा रहे हैं।
बहुत सारे लोगों को पानी पीने के सही तरीका के बारे में जानकारी नहीं होती है जिसके कारण जाने अनजाने में इसका दुष्परिणाम लोगों को झेलना पड़ता है इसलिए पानी पीने का सही तरीका सबको पता होना चाहिए।

आईये पानी पीने का सही तरीका जाने 

हम सभी लोगों में बहुत सारे लोग जो खाने-पीने का सही तरीका नहीं जानते हैं जिसके कारण से उसके दुष्परिणाम उनके सामने आ जाते हैं। 

  • भोजन करने के तुरंत बाद एवं पहले पानी नहीं पीना चाहिए। 
  • इसी प्रकार से भुने हुए चने खाने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। 
  • खाने के बाद पीया गया पानी पाचन क्रिया को मंद कर देता है और शरीर में चर्बी को बढ़ाता है और ताकत को भी कम करता है। 
  • स्वाद लेकर घुट घुट पानी पीने से पानी में लार की अधिकतम मात्रा मिल जाती है जो अंदर जाकर रक्त शुद्धि का कार्य करती है।  
  • सुबह सूर्योदय से पहले पानी पीने से पेट साफ होता है। 
  • सोने से पहले पानी पीने से नींद अच्छी आती है। 
  • एक बात और सुबह पानी पीने से आलस दूर होता है। 
  • भोजन करने से एक या डेढ़ घंटे पहले पानी पी सकते हैं और भोजन करने के 1 घंटे बाद पानी पी सकते हैं।  
  • क्रोध , भय , मूर्छा ,शोक या चोट लगने पर शरीरअन्तःस्त्रावी ग्रन्थिओ हानिकारक स्राव करती है। इस स्राव के प्रभाव को कम करने के लिए पानी पीना चाहिए। 
  • परिश्रम में व्यायाम में भी पानी ज्यादा खर्च होता है इसलिए व्यायाम के 1 घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए। 
  • पथरी, पीलिया, मोटापा ,कब्ज, रक्तचाप, बुखार, जुकाम, दमा,काली खांसी, निमोनिया और मूत्र संबंधित संक्रमण को कम करने के लिए बार-बार पानी पीना चाहिए। 
  • दिन में दो या तीन घंटे के अंतराल में पानी पीना अवश्य चाहिए इससे अन्तःस्त्रावी ग्रंथियां संक्रिया रहती है। 
  • पानी पीने से शरीर तरो ताजा एवं स्वास्थ्य बना रहता है। 

और एक बात हमारे चैनल को फॉलो करना ना भूले फलो जरूर करें और जनहित एवं लोक कल्याण के लिए इस वीडियो/लेख को शेयर जरूर करें। 

सोमवार, 23 अक्टूबर 2017

बाजार के इन चीजों को उपयोग से पहले यह वीडियो देखे जरूर नहीं तो जा सकती ह...

बाजार के इन चीजों को उपयोग से पहले यह वीडियो देखे जरूर नहीं तो जा सकती है जान ।



आज के नए एपिसोड में हम बताएँगे उन चीजों के बारे जिसको हम खाने में उपयोग करते है।  
आजकल बाजारों में बहुत सारी चीजे उपलब्ध है उसमे खाद्य वस्तुओ के उत्पाद जो भिन्न -भिन्न रूप में उपलब्घ है। उनमे उपयोग आने वाली चीजे जिससे यह उत्पाद बनाया गया है अधिकतर बनाते समय उत्पादों में मानव के स्वास्थ्य का ध्यान नहीं दिया जाता है। और कम्पनिया यह ध्यान देती है कि उत्पाद देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट हो जबकि दोनों चीजों का स्वास्थ्य से कुछ लेना देना नहीं है। 

पढ़े लिखे समाज को कम से कम इतना जरूर जानना चाहिये कि जो हम चीज खा रहे वह हमारे शरीर के अंदर पहुंचकर अपना क्या प्राभव दिखायेगी। लेकिन यहां खेद का विषय यह है कि इससे सम्बन्धित जानकारी हर जगह उपलब्ध नहीं है और दूसरी बात यह है कि लग भाग 98 % लोग इसके प्रति जागरूक ही नहीं है। क्योकि वे स्वयं ही खाने पीने के चयन के बारे में स्वाद को महत्व देते है ना कि स्वास्थ्य को। बहुत बड़ी भीड़ केवल स्वाद के पीछे दौड़ती है इसमें महिलाये तो नम्बर एक पर रहती है। 

आज के इस वीडियो में ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे है जो खाने में स्वादिष्ट होते है परन्तु  स्वास्थ्य के लिये अच्छे नहीं होते है। इसलिये वीडियो शुरू करने से पहले हम आप सभी लोगो से क्षमा प्रार्थी है कि हमारी बात यदि बुरी लगे तो। परन्तु यह बात बहुत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है। 

आइये ऐसे चीजों के बारे में जाने - 

  • यदि market में कुछ चीज खरीदने गये हो या घूमने टहलने गये हो और नास्ता करने का मन कर रहा हो तो कृपया नास्ता से पहले इन चीजों पर घ्यान दे। यदि नास्ता में आप समोसा , कचौड़ी,चाट,पकोड़े,छोले भटूरे या अलग -अलग तरह कि नमकीन मिठाईया लेने से पहले आप जरुए सोचे कि इसमें कही ट्रांस  फैट तो नहीं है। 

  • इस प्रकार घर के बच्चो के लिये तथा परिवार के लिये ये चीजे लेने से पहले यह विचार कर ले कि इसमें भी ट्रांस फैट तो नहीं है। वह चीजे है जैसे -बिस्किट ,केक ,कैंडी ,पेडीज ब्रेड,टोस्ट,पिज़्ज़ा ,बर्गर और बेकरी के सभी समान। 
  • सभी Snacks  फ़ूड जैसे आलू कि चिप्स,फ्रेंच फ्राइस ,स्टेंट नूडल्स आदि में भी भरपूर मात्रा में ट्रांस फैट होते है। 
  • वनस्पति तेल और आंशिक हाइड्रोजिनेटेड रिफाइन तेल इसमें भी काफी मात्रा में ट्रांस फैट होते है। 
  • रसोई में unsaturated oil को जब गर्म करते है तो यह गर्म होते ही ट्रांस फैट बनने लगता है। 
इस प्रकार मानव स्वास्थ्य और मानव जीवन से सम्बन्घित बातो कि जानकारी देते रहेंगे। 

रविवार, 22 अक्टूबर 2017

मार्केटके सभी सौंदर्य प्रसाधन आपको कही बीमार ना बना दे। All the cosmetics in the market should not make you sick.



मार्केट के सभी सौंदर्य प्रसाधन आपको कहीं बीमार ना बना दे 



आज के नए एपिसोड हम बताएंगे की मार्केट के  सभी सौंदर्य प्रसाधन आपको कहीं बीमार ना बना दें। 
आज कल युवाओं और युवतियों में सुंदर बनने की होड़ मची हुई है इसके लिए मार्केट में तरह-तरह के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। जिसको धड़ल्ले से उपयोग करते चले जा रहे हैं लेकिन नादान युवा वर्ग को यह नहीं मालूम है कि यह कैसे बना है और इसमें क्या मिला है ? इस प्रकार अनजाने  में एक बड़ा वर्ग खतरनाक बीमारियों के तरफ बढ़ता चला जा रहा है। आज के इस लेख में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है जो कॉस्मेटिक प्रोडक्ट उपयोग करने वालों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक है। जो हमारे चैनल के माध्यम से जनहित में दी जा रही है।

आईये  जानकारी करने के लिए आगे बढ़े। 

पढ़े लिखे लोगों को कम से कम इतना जरूर सोचना चाहिए कि कोई भी प्रोडक्ट उपयोग करने से पहले यह जरूर देखें कि वह प्रोडक्ट लाभदायक है या नुकसानदायक है। परन्तु ऐसा होता नहीं है लोग तुरंत लाभ देखते हैं और कंपनियां अपनी कमाई देखती है अर्थात दोनों लोगों को जीवन के सुरक्षा के संदर्भ में कुछ लेना देना नहीं है। जहां ऐसे लोगों की भरमार है वहां ऐसी स्थिति में ऐसी जानकारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। दिल्ली की एक संस्था है सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट जिसे शॉर्ट में CSE कहते हैं। इसमें 2 साल तक लगातार सर्वेक्षण एवं परीक्षण  के बाद यह निर्णय दिया कि भारतीय बाजार में बिकने वाले सौंदर्य प्रसाधन में जहरीले रसायनो और तत्वों की उपस्थिति पाई गई है। मार्केट में कई क्रीम और लिपिस्टिक में अधिक मात्रा में पारा, क्रोमियम और निकिल पाए गए हैं जो जहरीले तत्व होते हैं। इसलिए CSE के निदेशक के अनुसार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक  एक्ट & रूल ऑफ़ इंडिया  के तहत कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में पारे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्योंकि पारा, क्रोमियम और निकिल सौंदर्य प्रसाधन के द्वारा सीधे शरीर के ऊपर प्रयोग किए जाते हैं जिससे शरीर में फेफड़ों के कैंसर से लेकर किडनी के खराब होने तक की समस्या आ सकती है। इसके अलावा त्वचा से  संबंधित अन्य बीमारियां भी हो सकती है इस प्रकार हमारे चैनल के माध्यम से जीवन की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ सुखी और वैभवशाली जीवन बिताने के लिए तरह-तरह की सहयोगी और आवश्यक ज्ञान दी जाती है। 

बुधवार, 4 अक्टूबर 2017

अपने ही मुख से ठीक करे एसिडिटी Correct your acidity with your mouth

अपने ही मुख से ठीक करे एसिडिटी



अपने ही मुख से ठीक करें एसिडिटी। 

आज के इस लेख में हम बताएंगे कि आप अपने ही मुख से ठीक कर सकते हैं एसिडिटी

एसिडिटी सुनने में बहुत हल्की समस्या लगती है लेकिन वास्तव में इतनी हल्की समस्या होती नहीं है।यह छोटी समस्या जरूर है लेकिन ध्यान न देने पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।आज के इस लेख में एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए कुछ सरल उपाय के साथ-साथ अपने मुख से इसे कैसे ठीक कर सकते हैं इसके बारे में प्रकाश डाला जाएगा  

आइए इस के बारे में गहराई से जाने 

सामान्य तौर पर एसिडिटी की जो समस्या है इसके कारण पर यदि ध्यान दिया जाए तो यह बात सामने निकल कर आती है कि अधिक मात्रा में मसालेदार भोजन करना, गरिष्ठ भोजन करना, सिगरेट व शराब पीना ,तंबाकू खाना ,ज्यादा भोजन कर लेना, बिल्कुल भोजन ग्रहण न करना, खाना खाने के बाद तुरंत सो जाना ,खाना खाने के बाद तुरंत पानी पी लेना आदि छोटे-मोटे कारणों से एसिडिटी होते देखा गया है । 
एसिडिटी दूर करने के लिए हम एक अद्भुत और सरल उपाय बताने जा रहे हैं इसके द्वारा धीरे-धीरे एसिडिटी की समस्या से निजात पाया जा सकता है। 
  • यदि एसिडिटी से आप परेशान है और आपको जल्दी में उपाय समझ में ना आ रहा हो तो आप अपने मुंह के लार को घुट घुट  करके निगलना शुरू कर दें। आप देखेंगे कि दो से चार बार में ही आपको आराम महसूस होने लगेगा और एसिडिटी से होने वाली जलन भी कम होने लगेगी।
  • लार ग्रंथियां से निकलने वाले लार में पोटेशियम और बाइकार्बोनेट के आयन उपस्थित होते हैं जो अंदर पहुंच करके एसिडिटी के प्रभाव को कम कर देते हैं क्योंकि पोटेशियम एसिड को उदासीन करता है और लार में उपस्थित ऐमाइलेज एंजाइम भोजन को पचाने में मदद करता है जिससे धीरे-धीरे लार के द्वारा एसिडिटी की समस्या नियंत्रित होने लगती है। 
इस प्रकार समय-समय पर स्वास्थ्य एवं जन कल्याण से संबंधी जानकारी देते रहेंगे।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

99 9% लोग नहीं जानते पानी पीने का सही तरीका। 99.9% people do not know the right way to drink water.

99 9% लोग नहीं जानते पानी पीने का सही तरीका।


आज हम बताएंगे कि पानी पीने का सही तरीका क्या है ? 99.9% लोग पानी पीने का सही तरीका जानते ही नहीं है। पानी पीना और पानी ग्रहण करना सभी जीव जंतुओं एवं जड़ चेतन को आवश्यक होता है लेकिन पानी पीने की बात जो बताई जा रही है वह मनुष्य से संबंधित है। पानी पीने का जो सही तरीका है वह हमारे जीवन पर काफी अच्छा असर डाल सकता है लेकिन विडंबना यह है कि अधिकतर लोग पानी पीने का सही तरीका जानते ही नहीं है। जिससे एक समस्या और हो जाती है वह यह है कि पानी हमारे शरीर की सभी क्रियाओं को प्रभावित करती है। इसलिए बहुत सारी क्रिया अपने कार्य विधियों को पानी के आधार पर ही सुनिश्चित करती है इसलिए पानी पीने का तरीका यदि गलत हुआ तो निश्चित ही हमारे शरीर की क्रियाएं गलत तरीके से कार्य करना चालू कर देंगी। लोगों के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमारे टीम के द्वारा इस चैनल के माध्यम से यह जानकारी जनहित में दी जा रही है जो महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है इसलिए जानकारी देने से पहले हम आग्रह करते हैं कि इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें। 
आईये इसके बारे में और जानकारी प्राप्त करें 
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि जल ही जीवन है और बिना जल के जीवन संभव नहीं है। जल एक अमृत के समान है और जल के कारण ही इस पूरे ग्रह पर जीवन का अस्तित्व होना संभव हो पाया है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे शरीर में लगभग 75 % जल है इसलिए हमारे शरीर में जल का प्रभाव अति महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पृथ्वी के समस्त मानवों को जानना आवश्यक है कि पानी पीने का सही तरीका क्या है ? यदि पानी पीने का सही तरीका मालूम हो जाए तो बहुत सारी बीमारियों और समस्याओं का हल स्वतः हो जाएगा।  इसलिए पानी पीने का जो सही तरीका है वह बताया जा रहा है यह जानकारी सुव्यवस्थित एवं नियमित तरीका है। इसका पालन करने से किसी के भी जीवन में स्वास्थ्य से संबंधित सकारात्मक बदलाव दिखने प्रारंभ हो जाएंगे। 
  • यदि आप नींद में या सोये हैं और आपको महसूस हुआ कि आपको प्यास लगी है तो एकाएक उठकर पानी न पिये क्योंकि एकाएक पानी पीने से पाचन क्रिया प्रभावित होने लगेगी। 
  • पानी पीने का सही तरीका यह है कि कुछ देर रुकने के बाद सारे अंगों को सामान्य स्थिति में आने के बाद पानी पी सकते हैं।
  • सुबह उठने के बाद 5 से 7 मिनट तक बिस्तर पर बैठे रहें और मुंह के लार को बिना थूके, पानी आधा से 1 लीटर धीरे-धीरे पीये।
  • खाना खाते समय पानी का उपयोग न करें और यदि बहुत आवश्यक हो तो अपनी उतना ही पिए जिससे ग्रास नली में रुका हुआ भोजन अंदर चला जाए अर्थात कुछ घूंट पानी पी सकते हैं। खाना खाने के एक या डेढ़ घंटे के बाद ही पानी पीये। 
  • दूसरी एक और बात जानना जरूरी है खाना खाने के पहले 1 घंटे के अंदर पानी बिलकुल ना पीये। यदि खाना खाने से पहले पानी पी लिए हैं तो खाना 1 घंटे के बाद ही ग्रहण करें। 
  • पूरे दिन पानी पीने का तरीका यह है कि अपनी 1 घंटे या डेढ़ घंटे के अंतराल पर पीते रहे इस प्रकार पूरे दिन 7 से 8 लीटर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होता है। 
  • पानी कभी भी तेजी से या गटागट नहीं पीना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर अनावश्यक रूप से चर्बी का निर्माण होना प्रारंभ हो जाता है । 
इस चैनल के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक जानकारी देने जा रहा हूं जिसे अक्सर बहुत सारे लोग ध्यान ही नहीं देते है। वह जानकारी यह है कि आपने कभी जानवरों को पानी पीते हुए देखा है और उस पर गौर किया है। आप लोगों का ध्यान जानवरों के पानी पीने की शैली पर ले जाना चाहता हूं जिस पर आप लोगों ने ध्यान नहीं दिया होगा क्या आप लोगों ने इस पर कभी विचार किया है कि मोटापा और चर्बी का बढ़ जाना केवल मनुष्यों में क्यों होता है ? क्या कभी कुत्ते या बिल्लियों को ज्यादा फैटी होते देखा है ? शायद नहीं ऐसा इसलिए कि उनका पानी पीने का तरीका बिलकुल अलग है। कुत्ते या बिल्ली जब भी पानी पीते हैं तो अपने जीभ से धीरे-धीरे पीते हैं आज के बाद इस पर आप जरूर गौर करियेगा। कुत्ते या बिल्लियां जब जीभ से धीरे-धीरे पीते हैं तो उनके लार की अधिक मात्रा पेट में पहुंच जाती है जिससे उनका पाचन तंत्र अच्छे गति से चलता रहता है जिससे उनका स्वास्थ्य जल्दी नहीं बिगड़ा है और उन्हें आवश्यक मजबूती मिलती रहती है। 

इस प्रकार हमें भी ध्यान देना होगा कि जब भी पानी पीये तो हमारे लार की मात्रा अधिक से अधिक पेट में पहुंचती रहे क्योंकि ऐसा करने पर हमारा पाचन तंत्र सुव्यवस्थित ढंग से चलता रहेगा और हमारा स्वास्थ्य भी स्वभाविक रूप से अच्छा रहेगा। 
  • यदि आप कठोर परिश्रम या बाहर धूप से आए तो दोनों स्थिति में पानी तुरंत नहीं पीना चाहिए। बल्कि थोड़ा आराम करके ही पानी पीना चाहिए जब भी पानी पिए तो धीरे-धीरे पानी पीना चाहिए। 
  • पानी पीते समय यह ध्यान दें कि जो पानी पी रहे हैं वह शुद्ध हो तथा अशुद्धियों से परे रहे। 
  • रात में भोजन करने के बाद आधा है या 1 लीटर पानी लोटे में भरकर रख दें फिर सुबह उठने के बाद शौच जाने से पहले पी लें।
  •  कभी भी पानी खड़े-खड़े अवस्था में या मुंह ऊपर करके नहीं पीना चाहिए क्योंकि ऐसी स्थिति में पानी श्वास नली में जा सकता है तथा समस्या उत्पन्न हो सकती ह। 
यहा जो पानी पीने का तरीका बताया गया है वह मनुष्य के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बताया गया है अतः इसका पालन जरूर करें धन्यवाद।

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते? these utensils which do not react with food ?

बर्तन जो खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते ये बर्तन अक्रियाशील होते हैं  आज के इस लेख में हम उस बर्तन के बारे में बताएंगे कि वह कौ...