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मंगलवार, 23 जुलाई 2024

आर्थिक तंगी दूर कर देगा ये उपाय।This solution will remove the financial crisis.

आर्थिक तंगी दूर कर देगा ये उपाय।


आज के इस लेख में हम बताएंगे कि यह उपाय अमीर बनने के सारे बाधाओं को दूर कर देगा अर्थात आर्थिक तंगी दूर कर देगा।

संसार का कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहना चाहता है इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने ज्ञान अनुभव व संसाधन के आधार पर पूरी तरह से कोशिश करता रहता है परंतु किन्हीं कारणों से उसे सफलता नहीं मिल पाती है। इसके कारण उसके जीवन में मनोवांछित लाभ या फल की प्राप्ति नहीं हो पाती है क्योंकि ऐसी कई चीजे हमारे आसपास होती है जो हमारे लिए बाधा के कारण है परंतु हम अज्ञानता बस नहीं जान पाते हैं। 

आईये इसके बारे में बात करें की वह कौन सी बाधायें हैं तथा इसे दूर करने का क्या उपाय है 

वास्तु उपायो में आर्थिक स्थिति सुधार के लिए जो सुझाव दिए गए हैं वो  उपाय जानने बहुत जरूरी है क्योंकि यह कारण नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा के लिए उत्तरदायी  होते हैं। 
  • आपके भवन में कहीं पर भी मकड़ी के जाले नहीं होने चाहिए यदि जाले हैं तो तत्काल प्रभाव से उसे हटा दे।
  • आपके भवन में कहीं पर भी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान है तो उसे हटा दे या उसकी मरम्मत करवा ले। 
  • इसी प्रकार भवन के किसी भी हिस्से में मधुमक्खी का छत्ता नहीं होना चाहिए। 
  • भवन के किसी हिस्से या भवन के कोने में कबूतरों का निवास नहीं होना चाहिए यदि है तो उसे हटवा दे। 
  • दीवारों पर सीलन नहीं होना चाहिए यदि सीलन है तो उसे दूर कर दें। 
  • घरों की सजावट सूखे फूलों से ना करें यदि करना है तो ताजे फूलों का उपयोग करें। 
  • भवन के छत पर बेकार सामानों का संग्रह ना करें क्योंकि वास्तु शास्त्र के अनुसार यह अच्छा नहीं माना जाता है। 
आज के एपिसोड में इतना ही अगले  एपिसोड में नई जानकारी व नये तथ्यों के साथ उपस्थित होंगे। इस तरह की और जानकारी के लिए हमरे youtub चैनल happy  valley  creator (youtube.com/channel/UC4L2wfvR4c1LSNdemzIG0ZA)को सब्सक्राइब एवं फॉलो जरूर करें। 

रविवार, 27 मार्च 2022

कम से कम कितनी लम्बी होनी चाहिए मूर्ति At least how tall the idol should be

घर में स्थापित करने से पहले जाने मूर्ति की सही लम्बाई 


घर में स्थापित करने से पहले जाने मूर्ति की सही लम्बाई 

निवास स्थान में मंदिर बनाते समय अक्सर लोग भ्रम में या अनिर्णय की स्थिति में चले जाते है कि मूर्ति की कम से कम लम्बाई कितनी होनी चाहिए। 
  • घर में स्थापित मूर्ति की लम्बाई कम से कम एक बीत्ते (लगभग 5 से 6 इंच ) अवश्य होनी चाहिए। 
  • एक बीत्ते से कम लम्बाई  होने पर गृह स्वामी को संतान सम्बन्धित समस्या बनी रहती है। 
मूर्ति के बारे में अन्य आवश्यक जानकारी भी दी गयी है जैसे :-
  • टूटी एवं खंडित मूर्ति को पूजा स्थल से हटा दें एवं उसकी पूजा ना करे। 
  • जो मूर्ति कुरूप हो गयी हो या जिस मूर्ति की पालिश उतर गई हो उसे भी पूजा स्थल से हटा देना चाहिए। 
  • वार्षिक पूजा जैसे दीपावली में लक्ष्मी , गणेश जी की मूर्ति को बदल कर नयी मूर्ति रख दे। 

गुरुवार, 17 मार्च 2022

किस दिशा में बनाये सीढ़ी in which direction the stairs should be made

         

                              किस दिशा में बनाये सीढ़ी 

 

                                          किस दिशा में बनाये सीढ़ी 

सीढ़ी सही दिशा में ना होने पर गरीबी बिमारी पारिवारिक समस्या से लोग हो जाते है परेशान इसलिए निम्न उपाय अपनाये  

  • उत्तर -पूर्व में सीढ़ी ना बनवाये यदि बनाते है तो संतान का विकास नहीं होगा। 
  • घर का मुखिया कर्ज में डूबा रहेगा। 
  • गोलाकार , घुमावदार सीढ़ी ना बनवाये। 
सीढ़ी anti clock wise घूमते हुए नहीं होना चाहिए। 

सुझाव 

  • सीढ़ी को चिकना न बनाये। 
  • सीढ़ी ज्यादा ऊँची नहीं बनाये। 
  • सीढ़ी के दोनों किनारो पर रेलिंग बना होना चाहिए। 
  • सीढ़ी के नीचे शौचालय न बनाये। 
  • सीढ़ी के नीचे पूजा घर न बनाये। 
  • सीढ़ी के नीचे कूड़ा करकट ,जूता चप्पल ना रखे। 
सीढ़ी के नीचे  साफ सुथरा होना चाहिए और सीढ़ी की सही दिशा पश्चिम की होती है। 




शनिवार, 26 फ़रवरी 2022

नये मकान में भूलकर भी न करे ये काम हो सकते है जीवन भर परेशान/पति और पत्न...

पति और पत्नी दोनों यहाँ हो जाये सावधान


पति और पत्नी दोनों यहाँ हो जाये सावधान
 
नये मकान जब बनवा रहे है तो यह कार्य न करे वरना बाद में बड़ा वास्तु दोष के कारण परेशान हो सकते है।

  • यदि मकान बन रहा है और किचन रूम पूरा न बना हो तो वहाँ हल्का फुल्का सामान्य कार्य गैस चूल्हे पर कर सकते है परन्तु कोई उत्सव या पार्टी का आयोजन न करे। छोटे मोटे क्रिया कलाप कर सकते है जैसे - लंच के समय खाना गर्म करना , बच्चो के लिए नाश्ता बनाना आदि। एक बाद का ध्यान रखे जब गृह प्रवेश करे तो नया गैस चूल्हे का उपयोग करें तो अच्छा होगा 
  • अधूरे मकान में पूजा पाठ का कार्यक्रम न करें और ना ही आप पूजा करें। 
  • अधूरे मकान में मीठा न बनाये जैसे खीर आदि न बनाये। गृह प्रवेश के बाद ही खीर बनाये। 
  • यदि नया मकान जो बन रहा हो वहा पति पत्नी को रुकना पड़ जाये तो पति पत्नी आपस में सहवास न करें।
यदि बिना जानकारी के ये 4 काम कर दिए तो नए मकान में गृह प्रवेश के बाद वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
  

रविवार, 5 नवंबर 2017

इस पौधे को लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा हो जाएगी छू मंतर ।By planting this plant the negative energy in the house will go away.

इस पौधे को लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा हो जाएगी छू मंतर। 


इस पौधे को लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा हो जाएगी छू मंतर। 

आज के इस लेख में बताया गया है कि इस पौधे को लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा हो जाएगी दूर। 
सुख शांति पूर्वक जीवन जीने के लिए इस धरती का हर मानव अपने तरिके से अलग-अलग प्रकार से कोशिश करता रहता है। कई बार वास्तु दोष के कारण घर में नकारात्मक उर्जा उत्पन्न हो जाती है जिससे घर की सुख शांति में कमी आ जाती है। इससे उनका पारिवारिक जीवन दु:ख मय में होता चला जाता है।आज एक ऐसी जानकारी दी जा रही है जिससे आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा आसानी से दूर हो सकती है।आइए इस विशेष पौधे के बारे में जाने। 

नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए इसके पहले कई प्रकार की जानकारी दी गई है जो आपको आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग कर के लाभ मिल सकता है। इस लेख में जो जानकारी दी जा रही है वह बहुत ही सरल और आसान है लेकिन ध्यान देना है कि इस पौधे को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। इसे लगाने के लिए ईशान या पूर्व दिशा अच्छी मानी जाती है।

इस पौधे का नाम है तुलसी ,जो हिंदू संप्रदाय के लिए श्रद्धा का केंद्र बिंदु माना जाता है। हिंदू संप्रदाय के लोगों के लिए बताया गया है कि यदि इसकी पूजा अर्चना करते हैं और वृहस्पतिवार को गाय के कच्चे दूध से इसका सिंचन करें और रविवार को छोड़कर शाम को इस पौधे के नीचे तेल का दीपक जलाते हैं तो उनके  लिए काफी अच्छा होगा। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त हो जाएगी और घर में सुख शांति बनी रहेगी।

आप सभी से निवेदन है कि हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही साथ शेयर वह कमेंट भी करें।

गुरुवार, 2 नवंबर 2017

भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा।Don't plant a garden in this direction even by mistake.

भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा।



भूल कर भी इस दिशा में ना लगे बगीचा।                               

आज के इस नए लेख में हम बताएंगे कि भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए बगीचा। 
दुनिया में अधिकतर लोगों को हरा भरा वातावरण ज्यादा अच्छा लगता है जिससे लोग पेड़ पौधे लगाते रहते हैं या बगीचा लगते हैं। लेकिन इसमें कुछ बात का ध्यान देना चाहिए जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है।आज के इस लेख में लोगों के जीवन को सूखी समृद्धि बनाने के लिए वास्तु सुझाव के आधार पर जानकारी दी जा रही है जिसे हर व्यक्ति को जानना चाहिए। इससे संबंधित जानकारी कुछ इस प्रकार हैं। 

  • घर के बीचो-बीच पेड़ न लगाए। 
  • अपने घर में फलदार पेड़ ना लगाए और ना ही दूध वाले पेड़ लगाने चाहिए। 
इसमें अपवाद स्वरूप कुछ पेड़ ऐसे हैं जिन्हें आप अपने घरों में लगा सकते हैं जैसे फल वाले पेड़ों में अनार का पेड़ जिसे पूर्व ,दक्षिण या आग्नेय दिशा में लगा सकते हैं लेकिन घर के सामने लगाना चाहिए।  
फलों में नारंगी अर्थात ऑरेंज का भी पेड़ आप लगा सकते हैं। दूध वाले पेड़ों में आक या मदार का पेड़ लगा सकते हैं इन्हें घर के सामने लगाना चाहिए। 


बगीचा लगाने के बारे में आप दो बातों का ध्यान देना जरूरी होता है। 

  • पहली बात  -  आग्नेय, नेऋत्य, वायव्य कोण में कभी भी बगीचा नहीं लगना चाहिए और ना ही अनार के पेड़ को कभी दक्षिण-पूर्व में लगाए यदि लगाना हो तो घर के सामने लगाए। 

  • दूसरी बात  - बगीचा के लिए जो दिशा बताई गई हैं उसके आलावा यदि इस दिशा में बगीचा लगते हैं तो यह शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि इस दिशा में लगाया गया बगीचा अल्प आयु , संतान-हानि और लोक परलोक में हानि देने वाला होता है। 
बगीचा लगाने की सही दिशा उत्तर-पूर्व, ईशान कोण ठीक है और सही माना जाता है। क्योंकि इस दिशा में बगीचा लगाने से लोग धार्मिक,मृदु भाषी, दानी होने साथ-साथ सुख वैभव और सभी प्रकार के शुभ और उन्नति को प्राप्त करते हैं। 
पेड़ पौधे हमारे जीवन से संबंध रखते हैं क्योंकि अच्छा पर्यावरण इन्हीं के द्वारा संभव हो सकता है। 
अतः ऐसी जानकारी हमारे चैनल पर समय समय पर  दी जाती रहती है जिससे विश्व में स्वस्थ मानव समाज का निर्माण हो सके।

रविवार, 29 अक्टूबर 2017

आपके सारे दुःखो और कष्टों को हर लेगा यह वृक्ष।This tree will take away a...

आपके सारे दुःखो और कष्टों को हर लेगा यह वृक्ष।

आपके सारे दुःखो और कष्टों को हर लेगा यह वृक्ष 

प्राकृतिक चीजों की गुणगान हमें अलग-अलग प्रकार से अलग-अलग ग्रन्थों से मिलती रहती है और प्रकृति की प्रसंशा करते हुये एक जगह कहा गया है की
   वृक्ष कबहु ना फल चखे ,नदी ना संचय नीर। 
    परमारथ के कारणे साधु धरा शरीर।। 
 ऐसे ही बहुत सारे विशेषताओ के क्रम में आज ऐसे ही विशेष प्रकार के वृक्ष के बारे में बताया जा रहा है जो व्यक्ति के सारे कष्ट एवं चिन्ता को दूर कर देता है। 

आइये इसके बारे में जानकारी करे 

संसार का कोई व्यक्ति गरीब हो या अमीर किसी भी परिस्थिति में गरीब नहीं रहना चाहता है। प्राचीन धर्मशास्त्रों में यह बताया गया है कि यह पौधा बहुत ही उपयोगी एवं कारगर है। इससे मनुष्य के जीवन में आने वाले कष्ट और दुःख समाप्त हो जाते है इन सब समस्याओ को दूर करने के लिये अशोक के पेड़ को लगाना चाहिये। अशोक का मतलब होता है जहा शोक ना हो। 
इसका पेड़ दो प्रकार का होता है एक असली और दूसरा नकली। 
  • असली अशोक के पेड़ में पत्तिया आम के पत्तो की बनावट की तरह होती है जिसकी लम्बाई 8 से 9 इंच और चौड़ाई में 2.5 इंच चौड़ी होती है। इसमें जो फूल लगते है वह नारंगी रंग होते है। 
  • जबकि नकली अशोक के पेड़ में फूल सफ़ेद रंग के होते है। इसके पेड़ देवदार वृक्ष जैसे होते है। 
हिन्दू सम्प्रदाय के लोग यह मानते है कि सीता अपने दुःख को कम करने के लिये अशोक वाटिका में रहा करती थी। यह उस समय की घटना है जब सीता रावण के पास थी। 
इस प्रकार अशोक एक महत्वपूर्ण वृक्ष है इसे लगाने पर सभी दुःख समाप्त होकर लम्बे सुख की प्राप्ति होती है
यह पेड़ - पौधे एवं वृक्ष मनुष्य के लिए बहुत ही उपयोगी है इसलिए प्रकृति और पर्यावरण से प्रेम करे 

शनिवार, 28 अक्टूबर 2017

बुरी आत्माओं को दूर करना हो तो ये पौधा लगाये। To remove evil spirits, th...


बुरी आत्माओं को दूर करना हो तो ये पौधा लगाये।

हम बतायेंगे बुरी आत्माओ को दूर करने वाले पौधे के बारे में।
लगभग सभी सम्प्रदाय के धार्मिक किताबो में अदृश्य शक्तियो के बारे में बात किया गया है। इसे विज्ञान की भाषा में ऊर्जा भी कहा जाता है इन अदृश्य शक्तियो को समान्यतया दो प्रकार से बताया जाता है। एक तो अच्छी आत्माये दूसरी बुरी आत्माये। इन आत्माओ के बारे बताया गया है कि ये समान्य आँखों से दिखायी नहीं पड़ती है लेकिन इनका प्रभाव कही ना कही प्रकट होता रहता है। ऐसी बुरी आत्माये जो मनुष्यो को कष्ट देती है या परेशान करती है उन्हें दूर करने के लिये आज के एपिसोड में सरल और आसान तरीका बताया जा रहा है। जिसके द्वारा ये बुरी आत्माये या नकारात्मक ऊर्जाये दूर किये जा सकते है।
आइये इसके विधि के बारे में ठीक से जाने

हमारे चैनल पर बहुत सारे समस्याओ के बारे में बताया जा चूका है। यदि कभी भी नाकारात्मक ऊर्जा या बुरी आत्माओ का आभास हो तो उसके निवारण के लिये आसान और सरल उपाय यह है कि निवास स्थान के आग्नेय दिशा में बांस का पौधा लगाये। यह बांस वास्तु दोष को दूर करने के लिये उपयोग में लाया जाता है।
  • यह मार्केट में शीशे के पात्र में बांसो के मण्डल बनाकर रखा रहता है इसे आप लाकर आसानी से आग्नेय दिशा में रख सकते है।
  • बांस के ऎसे पौधे भूलकर भी उत्तर - पूर्व या ईशान कोण में नहीं लगाना चाहिए क्योकि इस दिशा में इस पौधे को लगाने से पहले वास्तु ज्ञान और दिशा का ज्ञान जरूर प्राप्त कर ले क्योकि वास्तुशास्त्र में दिशा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।
व्यक्ति की ख़ुशी और विकास के लिये विभिन्न प्रकार की नयी नयी जानकारी दी जाती है। आप हमारे चैनल को फॉलो करे साथ ही साथ शेयर और कमेंट करे।

शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

धन वर्षा और आर्थिक सुधार का है ये अचूक उपाय This is the surefire way to bring wealth and economic improvement.


धन वर्षा और आर्थिक सुधार का है यह अचूक उपाय 



धन वर्षा और आर्थिक सुधार का है यह अचूक उपाय 

आज के नए एपिसोड में वास्तु के अनुसार धन वर्षा और आर्थिक सुधार का अचूक उपाय बताया गया है।  संसार का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो धनी ना होना चाहिए लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमारे द्वारा किए गए उपाय और प्रयास अच्छे परिणाम नहीं दे पाते हैं। इसके लिए कोशिश करते-करते बहुत लंबा समय इंतजार में बीत जाता है लेकिन आर्थिक सुधार की झलक दिखती ही नहीं है। ऐसी स्थिति में घर के मुखिया और घर के अन्य सदस्यों में नाकारात्मक विचार के कारण दिमाग में उल्टी सीधी बातें आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में घर में आर्थिक तंगी के साथ घर में अशांति और झगड़े का माहौल बनता जाता है और चिंता के कारण कुछ लोग बीमार भी पड़ जाते हैं। धीरे-धीरे आर्थिक समस्या, घर में और हमारे चारों तरफ परेशानियों की जाल बिछा देती है। ऐसी समस्या से निजात पाने के लिए ऐसा अचूक उपाय हम बताने जा रहे हैं जिसे प्राचीन काल से आर्थिक सुधार के लिए बहुत अच्छा vastu tips  माना जाता है।

आईये  इसके बारे में और जाने 

आज जिस वास्तु टिप्स के बारे में जानकारी दी जा रही है यह वास्तव में एक विशेष प्रकार का पौधा है लेकिन यह वास्तु टिप्स के रूप में बहुत ही कारगर माना जाता है। इस पौधे का उपयोग कई जगह अलग-अलग रूपों में करते हैं। प्राचीन काल में देखा गया है कि इसका उपयोग वास्तु दोष निवारण के रूप में, वशीकरण के लिए ,नाकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए और अलग-अलग तंत्र शास्त्रों में इसका उपयोग होता देखा गया है। 
इस पौधे को नेपाल में  विरुपाद  कहा जाता है जबकि अपने देश भारत में लोग इसे बोलचाल में दो पंजों की जोड़ी या हत्था जोड़ी के नाम से जाना जाता है। हत्था जोड़ी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र , मध्य प्रदेश के जंगलों में और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में इसे देखा जाता है और जनजाति के लोग इसको बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं।  
यह पौधा दिखने में छोटा होता है ऐसा लगता है जैसे कोई दोनों हाथ उठाकर मुट्ठी बांधे हुए हैं। इस वास्तु उपाय के अंतर्गत इसका उपाय
  •  कोर्ट कचहरी से मुक्ति पाने के लिए, 
  • पति-पत्नी के आपसी झगड़ा को कम करने के लिए ,
  • अज्ञात शत्रु के भय से मुक्ति के लिए , 
  • वाद विवाद में विजय प्राप्ति के लिए ,
  • व्यवसाय में होने वाले हानि को रोकने के लिए ,
  • नजर की कुदृष्टि को दूर करने के लिए , 
  • रोग को दूर कर स्वास्थ्य लाभ के लिए ,
  • धन वृद्धि के लिए , 
  • विद्या प्राप्ति और प्रतियोगिता में सफलता पाने के लिए आदि बहुत सारी समस्याओं को दूर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। 
लेकिन सबसे बड़ी खास बात यह है कि हत्था जोड़ी को सही तरीके से लोग उपयोग में लाना नहीं जानते है इसलिए वास्तु निवारण का सही लाभ नहीं मिल पाता है। 
इस लेख में स्टेप  by  स्टेप सभी बातें बताई जाएगी। इसलिए इस लेख  को पूरा जरूर पढ़ें और ध्यान दे। 

हत्था जोड़ी को जब भी उपयोग के लिए अपने घर में लाना हो तो मंगलवार और शनिवार का दिन इसके लिए अच्छा माना जाता है। इसे लाल कपड़ों में लपेट कर रखा जाता है। अगर किसी डिब्बे में रख रहे हैं तो इसके साथ में  कुछ सिंदूर भी रख सकते हैं। 
ऐसा वास्तु  के जानकार लोगों का कहना है कि यदि हत्था जोड़ी का उपयोग बिना पूजा किये  किया जाए तो लाभ नहीं देता है। 
इसे रखने के लिए चांदी के पात्र का उपयोग करना चाहिए और उपयोग में लाने से पहले इन विधियों को अपनाये जैसे -
  • हत्था जोड़ी को साफ बर्तन में (1 घंटे के लिए ) दूध और चीनी के घोल  में डुबोकर रख दें।  उसके बाद इसे इस घोल से निकाल कर साफ पानी से धूल ले। 
  • उसके बाद लौंग और कपूर के साथ इसे रख दें। 
  • उसके बाद 1 से 2 दिन के लिए किसी जार में तिल के तेल में डुबोकर रख दें। 
  • जब हत्था जोड़ी की जड़ तेल सोखना बंद कर दें तब उसे जार में से निकाल कर अपने संप्रदाय के अनुसार पूजा का आयोजन करें। 
  • पूजा का आयोजन करते समय उत्तर या पूर्व दिशा में मुख करके बैठे।  
इसका उपयोग जिस उद्देश्य के लिए करने जा रहे हैं उस उद्देश्य को महापरित्राण पाठ प्रारंभ होने से पहले भिख्खु या आचार्य से कहें। 
इसकी पूजा के क्रम में शील धारण करने के बाद त्रिरत्न वंदना अर्थात बुद्ध धम्म और संघ वंदना करने के बाद महापरित्राण पाठ और लगातार बिना रुके बुद्ध चरित्र चंद्रोदय का अखंड पाठ कराये। 

पूजा समापन के अवसर पर महामंगल सूत्र,जय मंगल अट्ठगाथा को लय बद्ध तरीके से कहें। पूजन के समापन के बाद आचार्य या भिक्खु को अपनी सुविधा के अनुसार दान दें। यदि भिक्खु है तो क्षमा याचना के साथ उनकी वंदना करें , पंचांग प्रणाम करने के बाद धन्यवाद ज्ञापन जरूर करें। यह सब संपन्न होने के बाद हत्था जोड़ी का उपयोग शुक्रवार के दिन कर सकते हैं । इसे जार के पात्र में रखकर अलमारी या तिजोरी में रख सकते हैं यदि इसे धारण करना चाहे तो चांदी के ताबीज में रखकर इसे धारण कर सकते हैं। 

इसमें इस बात का ध्यान रखना है की पूजा में अगरबत्ती का उपयोग नहीं करना है केवल धूपबत्ती का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि अगरबत्ती में बांस की तीलिया लगती है जिनको वास्तु के अनुसार जलाना उचित नहीं  माना जाता है। आज के एपिसोड में इतना ही फिर मिलने मिलेंगे नए  व महत्वपूर्ण जानकारी के साथ यदि आप लोगों को फॉलो नहीं किया है तो फॉलो  जरूर करें। 

शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017

काले घोड़े की ये चीज़ जो दिलाएगी आर्थिक उन्नति This thing of black horse which will bring economic progress.

काले घोड़े की यह चीज जो दिलाएगी आर्थिक उन्नति।



आज के इस लेख में बताएंगे काले घोड़े की यह चीज जो दिलाएगी आर्थिक उन्नति।
दुनिया में सब लोगों की इच्छा यही होती है कि धन का अभाव ना होने पाए और धन की उन्नति के लिए या धन की वृद्धि के लिए लोग अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर तरह-तरह की कोशिश करते रहते हैं। यदि इन कोशिशें में या किसी कार्य को करने में उसे क्षेत्र से संबंधित expert से सुझाव लिया जाए तो कार्य की गुणवत्ता अच्छी हो सकती है और इसके साकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना ज्यादा हो जाती है। 

आज के इस लेख में जन सामान्य की स्थिति में सुधार हो ,लोग प्रगति के रास्ते पर जल्दी बढ़ सके इसको ध्यान में रखते हुए जल्दी परिणाम देने वाले वस्तु सुझाव को बताने की कोशिश की जा रही है। 

इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए  आइए आगे बढ़े 

बहुत सारे बताए जाने वाले वास्तु टिप्स में आज के इस लेख में बताए जाने वाला वास्तु टिप्स काफी तेज असर करने वाला है। 

यह उपाय व्यक्ति के आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है इस उपाय को करने के लिए काले घोड़े के नाल की जरूरत है। लेकिन इसमें इस बात का ध्यान देना जरूरी है कि काले घोड़े के पैर में लगा हुआ नाल जितना पुराना होगा उतना ही अच्छा होगा यदि आपको जल्दी उपयोग किया हुआ नाल मिले तो इस बात का ध्यान देना है कि वह नाल कम से कम तीन माह पुराना हो।
हिंदू संप्रदाय में काली चीज को शनिदेव का प्रतीक माना जाता है अर्थात कला घोड़ा शनिदेव का प्रतीक माना जाता है। जिससे शनि का प्रभाव कम हो जाता है जब भी काले घोड़े का नाल ले आए तो उसमें काट छांट बिल्कुल ना करें क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं इसका प्रभाव समाप्त हो जाएगा। इसको उपयोग में लाने के लिए नाल को काले कपड़े में लपेटकर काले धागे से बांधकर मुख्य दरवाजे पर लटका सकते हैं या मुख्य दरवाजे पर कहीं सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं यदि किसी का प्रवेश द्वार का चौखट लकड़ी का बना हो तो चौखट के बीचो-बीच इसे कील द्वारा ठोक सकते हैं लेकिन याद रहे इस काले कपड़े में ही रखना है ऐसा करने पर कुछ ही दिनों में ही आर्थिक समस्या दूर होने लगेगी और पूरा परिवार आर्थिक उन्नति के तरफ बढ़ने लगेगा और घर में होने वाले झगड़ा झंझट शांत हो जाएंगे और सभी शांति पूर्वक जीवन व्यतीत करने लगेंगे। 

आज के इस लेख में बस इतना ही फिर मिलेंगे नई बात और जानकारी के साथ और आपको एक विशेष सूचना देना है कि हमारा यूट्यूब चैनल भी है जिस पर इससे संबंधित और भी वीडियो देख सकते हैं लिंक नीचे दिया जा रहा है। 

https://www.youtube.com/channel/UC4L2wfvR4c1LSNdemzIG0ZA

सोमवार, 2 अक्टूबर 2017

इस दिशा में ही क्यों बनाना चाहिए शौचालय। Why should toilets be built in this direction only?

इस दिशा में ही क्यों बनाना चाहिए शौचालय।

इस दिशा में ही क्यों बनना चाहिए शौचालय 

हम सभी के भवन में शौचालय का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है इसलिए अक्सर लोग इस बात की चर्चा करते रहते हैं कि यह शौचालय किस दिशा में बनवा जाए। यदि शौचालय का निर्माण सही दिशा में नहीं कराया गया है तो बहुत सारी समस्याओं का आना तय है। कुछ लोगों के जीवन में इतनी बीमारियां हो जाती हैं की दावों का बैग साथ लेकर घूमते रहते हैं। यदि एनालिसिस किया जाए तो यह बात निकाल कर आती है कि उनके घर में वास्तु की समस्या जरूर है। यदि वास्तु की समस्या को हल कर दिया जाए तो बहुत सारी समस्याओं का हल संभव हो सकता है। ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए आज के इस लेख में यह जानकारी दी जा रही है।

आईये के बारे में और तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करें 

हमारे भवन में वास्तु एक देव पुरुष की भांति हैं जिसका उल्लंघन करने पर दुष्परिणाम आने लगते हैं इसलिए वास्तु की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और इसके अनुरूप भवन का निर्माण करना चाहिए। वास्तु के बारे में बड़ी और गंभीर गलती होने पर उसका छोटे-मोटे उपाय द्वारा निदान संभव नहीं हो पता है। इसलिए वास्तु ज्ञान होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। 

कुछ दिशाओं में शौचालय का निर्माण करना बिल्कुल निषेध है  जैसे

  •  नॉर्थ ईस्ट में शौचालय का निर्माण नहीं हो सकता है क्योंकि वास्तु पुरुष का सिर इसी दिशा में रहता है। 
  • साउथ ईस्ट में भी शौचालय बनाना उचित नहीं है क्योंकि यह अग्नि देव का स्थल माना जाता है 
  • इसी प्रकार नॉर्थवेस्ट में भी शौचालय बनाना उचित नहीं है और ना ही बनाया जा सकता क्योंकि यह दिशा धन की दशा मानी जाती है। 

शौचालय बनाने का उचित दिशा 

  • शौचालय बनाने के लिए सही और उचित दिशा साउथ वेस्ट है। इस दिशा में शौचालय बनवा सकते हैं। इस दिशा में शौचालय बनाने से कोई दिक्कत या समस्या नहीं होती है। ऐसा वास्तु शास्त्र विशेषज्ञों का कहना है इसका प्रमुख कारण यह भी है कि इसमें उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भवन पर नहीं पड़ने पता है। 
आज के इस लेख में इतना ही।
समय-समय पर वास्तु से संबंधित उपयोगी जानकारी देते रहेंगे धन्यवाद। 

बुधवार, 27 सितंबर 2017

यह फुल देखते ही देखते राजाओ की तरह सम्मान दिलायेगा।This flower will give you respect like a king in no time.


यह फुल देखते ही देखते राजाओ की तरह सम्मान दिलायेगा।



आज इस लेख में हम बताएंगे कि राजाओं की तरह सम्मान दिलायेगा यह फूल

मानव लोगों में यह आदत या प्रवृत्ति होती है कि उन्हें सम्मान अवश्य चाहिए क्योंकि कहा गया है कि "सम्मान नहीं तो कुछ भी नहीं " जैसे कि रहीम जी ने अपने दोहे में कहा है कि " रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सुन " यहां पानी रखने का मतलब है इज्जत और सम्मान अर्थात प्रत्येक व्यक्ति अपनी इज्जत और सम्मान प्राप्ति के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है इसलिए पूरे यत्नपूर्वक अपने सम्मान की रक्षा करता है। 
बताए जाने वाले बहुत सारे वास्तु उपायो में पेड़ पौधों के साथ-साथ फूलों का भी महत्वपूर्ण स्थान है आज के इस लेख में ऐसे ही फूल के महत्व और प्रभाव के बारे में जानकारी दी जा रही है। 

आईये इसके बारे में और जाने 

वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि अपने मान सम्मान और अनुकूल परिस्थिति के लिए कुछ फूलों के द्वारा यह उपाय किया जा सकता है। 
  • इसके लिए चमेली या जैस्मिन के फूलों के बारे में बताया गया है कि चमेली के फूल के दलों के ऊपर नाम लिखकर छाये  में रख दें जिससे वह फूल सूख जाए। सूखने के बाद इसका चूर्ण बनाकर गले में या दाएं हाथ में चांदी की ताबीज में रखकर धारण कर सकते हैं। 
इससे सभी प्रकार के नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाएगी साथ ही साथ मान सम्मान में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। 

शनिवार, 9 सितंबर 2017

5 चीजें यदि घर में आप रखें है तो गरीबी आस पास भी नहीं भटक सकती।

5 चीजें यदि घर में आप रखें है तो गरीबी आस पास भी नहीं भटक सकती।

 आज के नए एपिसोड में हम बताएंगे ये पांच चीज यदि घर में आप रखे हैं तो घर में गरीबी आसपास भी नहीं भटक सकती है।

 पारिवारिक जीवन व्यतीत करते समय संसार का हर व्यक्ति चाहता है कि पूरा परिवार सुख और समृद्धि से भरा रहे और पैसों की कमी बिल्कुल आने ही ना पाए। इसके लिए हर कोई अपने स्तर से भिन्न-भिन्न प्रयास करता ही रहता है। मानव जीवन के लिए कुछ ऐसी उपयोगी चीजे बताई जा रही है इसका ध्यान देने पर आपके घर परिवार की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन होगा और यह  सकारात्मक परिवर्तन वास्तु शास्त्र द्वारा बताए गए उपायों का अपनाने से होगा जो यहां बताने जा रहे है। 

 आईये इसके बारे में और जाने  

हमारे चैनल के वीडियो में मानव जीवन के सुखी और उन्नति के लिए बहुत सारे उपाय बताए गए हैं इसी क्रम में यह एक खास उपाय हम बताने जा रहे हैं जो फेंग सुई  द्वारा बताए गए वास्तु शास्त्र के सुझाव पर आधारित है इसलिए वास्तु शास्त्र पर आपको विश्वास होना जरूरी है अन्यथा सकारात्मक परिणाम में बाधा भी हो सकती है। इन उपायों में यह पांच चीजें क्या है आईये इसके बारे में जाने 
  • पहला है बुद्ध प्रतिमा :-भूमि स्पर्श मुद्रा या अभय मुद्रा में बुद्ध की मूर्ति छोटे पीपल के पेड़ के छाँव में रख कर इसे पूर्व दिशा में स्थापित करवाये। 
  • दूसरा है चांदी की बांसुरी :- इसको पूजा स्थल में रखें। 
  • तीसरा है शंख  :- शंखो  में दक्षिणावर्ती शंख लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थल में रखें। 
  • चौथा है पोटली लिए हुए लाफिंग बुद्धा की मूर्ति :- जो धातु की बनी हो उसे घर में रखे। 
 (लाफिंग बुद्धा से संबंधित जानकारी के लिए हमारे चैनल पर आकर देख सकते हैं )
  • पांचवा है कपूर :- घर के बीचो-बीच में कपूर जलाए। 
यही वह पांच चीज हैं जो आपके घर में धन संचय को बढ़ाने के साथ-साथ धन वृद्धि में भी सहयोग करेगी बस इतना ध्यान देना है कि जो चीज बताई गई वह उसी तरह से ही अनुपालन होना चाहिए।।। 

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